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वंशवाद: भारतीय राजनीति का डीएनए

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बिहार में लालू यादव के दो पुत्रों का विधानसभा में प्लेसमेंट हुआ तो सोशल मीडिया पर अभूतपूर्व शोर मच गया. खासकर भाजपा और उसके समर्थकों की ओर से कहा गया कि अब बिहार बर्बाद हो जाएगा. यह चिंता आज की नहीं है और बिल्कुल जायज है. बरसों से विशेषज्ञों द्वारा यह चिंता जताई जा रही है कि भारतीय राजनीति कुछ परिवारों की गिरवी हुई जा रही है. कांग्रेस पार्टी मूलत: वंशवाद की वाहक है, जहां आज भी राहुल से आगे उस पार्टी में कुछ दिखाई नहीं देता. वंशवाद के मसले पर भाजपा कांग्रेस पर सबसे ज्यादा हमले करती है तो यह देखना चाहिए कि क्या भाजपा वंशवाद से मुक्त है?

भाजपा के लोग अपने बारे में दावा करते हैं कि उनकी पा​र्टी में परिवारवाद नहीं है और वे बेहद लोकतांत्रिक हैं. उनकी पार्टी में रहते हुए कोई भी व्यक्ति सामान्य कार्यकर्ता से प्रधानमंत्री पद तक जा सकता है. लोकसभा चुनाव में मोदी ने कांग्रेस की वंशवाद की कमजोर नस पकड़ी और इस मसले पर कांग्रेस पर खूब जमकर हमले किए. लेकिन बिहार चुनाव में वंशवाद चुनावी मुद्दा नहीं रहा, जबकि पूरा चुनाव लालू बनाम मोदी लड़ा गया. क्या ऐसा इसलिए था कि राजग गठबंधन में कई चेहरे ऐसे थे जो …