रविवार, 9 नवंबर 2014

प्रधानमंत्री जी को एक पत्र

आदरणीय प्रधानमंत्री जी
आपके विरोधियों को पाकिस्तान भेजने वाले गिरिराज सिंह को आपने अपने मंत्रिमंडल में जगह दी है. ये वही गिरिराज सिंह हैं जिनके घर से चोरी करने वाले आरोपियों के पास से करोड़ों रुपये की नकदी व गहने मिले थे और इस पर उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया था. आप लोकसभा चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के पहले से अबतक कांग्रेसमुक्त भारत की बात कहते रहे हैं. यह मुक्ति सिर्फ कांग्रेस पार्टी से लेनी थी, या कांग्रेस के अलोकतांत्रिक कुकृत्यों से भी? देशवासियों को तो आप वही सब अता कर रहे हैं जो कांग्रेस करती रही है. आपकी सरकार बनते ही आपने अपने मंत्रिमंडल में एक ऐसे मंत्री को जगह दी, जिनपर बलात्कार का आरोप था. आपके एक मंत्री जी की संपत्ति पांच महीने में अचानक दस करोड़ से ज्यादा बढ़कर दोगुनी हो गई. आपने इनपर कोई सफाई नहीं दी, न ही कोई कार्यवाही की.
यकीनन भ्रष्ट और अलोकतांत्रिक हो चुकी कांग्रेस पार्टी से जनता ने मुक्ति लेनी चाही और आपको मौका दिया लेकिन आपने कांग्रेस के कुछ नेताओं और उनकी सारी भ्रष्ट अलोकतांत्रिक प्रवृत्तियों को ज्यों का त्यों अपना लिया. आपने कभी यह संदेश नहीं दिया कि एक पार्टी के समर्थन में देश की कुछ प्रतिशत जनता होती है लेकिन प्रधानमंत्री पूरे देश का होता है. आपने एक गांव गोद लिया, मीडिया रिपोर्टों में कहा गया कि उस गांव में एक भी मुसलमान नहीं है और वह गांव पहले से आरएसएस का गढ़ है. अब आपने ऐसे व्यक्ति को अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया जो विरोधियों को पाकिस्तान भेजना चाहता है और प्रथमदृष्टया भ्रष्ट गतिविधियों में लिप्त है. करीब सात दशक पहले आजाद हुए इस देश का संघर्ष एक लोकतांत्रिक, उदार और सेकुलर देश के लिए था. जबकि आपकी गतिविधियां ठीक प्रतिगामी हैं. जनता को नये युग में आगे बढ़ने की उम्मीद है, न कि पीछे जाने की. हम नागरिकों को अब भी आशा है कि इस देश के महान संघर्षों और विरासतों का आप सम्मान करेंगे.
आपका
एक नाचीज नागरिक

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