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अच्छे दिन

मित्रों! नई सरकार के आने पर अच्छे दिन आने थे. कहा जा रहा है कि अच्छे दिन आ गए हैं. आइए अच्छे दिनों की पड़ताल करें कि वे कैसे हैं, किसके लिए आए हैं? 

1. गुजरात में दो संवेदनशील फर्जी मुठभेड़ों के केस में सीबीआई के पब्लिक प्रॉसीक्यूटर बदल दिए गए हैं. सोहराबुद्दीन और तुलसी प्रजापति केस देख रहे सीबीआई के वकील ऐजाज खान और सादिक जमाल केस देख रहे आईएच सैयद को रिलीव कर दिया गया है. ऐजाज खान की जगह पीवी राजू पब्लिक प्रॉसीक्यूटर हांगे. सोहराबुद्दीन और तुलसी प्रजापति केस में अमित शाह पर आरोप हैं.

2. 2004 में हुए इशरत जहां मुठभेड़ मामले में अभियुक्त आईपीएस अधिकारी जीएल सिंघल को बहाल कर दिया गया है. इस पर मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त जूलियो एफ़ रिबेरियो की प्रतिक्रिया है कि 'ऐसा पहले नहीं होता था, कोई पुलिस अधिकारी अगर किसी आपराधिक मामले में अभियुक्त बनाया गया हो और जेल गया हो तो उसका निलंबन तब तक ख़त्म नहीं होता था जब तक अदालत से वह बरी न हो जाए. यह मैं नया चलन देख रहा हूँ. ऐसा तब तक नहीं हो सकता जब तक आप नियमों को बदल नहीं देते हैं. मुझे लगता है कि नियमों को बदल दिया गया है. यह सब कुछ नया है. म…