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युवा लिख रहे हैं लोकतंत्र की नई इबारत

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मेरठ में चौ. चरण सिंह विश्‍वविद्यालय के दीक्षांत समारोह कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय चुनाव आयुक्त वीएस संपत ने कहा कि राजनेताओं के नैतिक आचरण में क्षरण व योग्यता को लेकर उठने वाले सवालों की वजह से राजनीति से युवा वर्ग का मोहभंग हो रहा है. लेकिन हाल के चुनावों में युवाओं ने ज़बर्दस्त भागीदारी की. अगर युवा मतदान में बढ़चढ़ कर हिस्सेदारी करते हैं तो निश्‍चित रूप से नैतिक मतदान का स्तर उठेगा. साथ ही राजनीति को अपराधीकरण से मुक्ति, राजनीतिक पार्टियों की आंतरिक प्रजातांत्रिक कार्यप्रणाली व उनकी आय के स्रोत में पारदर्शिता व धन के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने में सफलता मिलेगी.
यह झूठ के बहुत नजदीक का एक मिथक है कि देश में चुनावी राजनीति के प्रति उदासीनता गहरी होती जा रही है. राजनीतिक विश्‍लेषक योगेंद्र यादव का कहना है कि इसमें सच का अंश महज़ इतना है कि तथाकथित शहराती मध्य-वर्ग में राजनीति, राजनेता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर उदासीनता और द्वेष पनप रहा है.
राजनीति से घृणा करना मानो एक फ़ैशन बन गया है. समाज का ये तबका वोट डालने को मामूली काम मानकर महत्व नहीं देता. इसमें किसी भी क़िस्म की राजनीतिक भागीदार…