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तुम्हें चाहना कुछ ऐसा है...



तुम्हें चाहना कुछ ऐसा है...
जैसे रोज़ सुबह उठ करके जाकर दूर कहीं वादी में  कुदरत के आँचल से महकी  कुछ एक सांसें खुद में भरना  झरनों से संगीत मांगना  किसी पेड़ की छांव बैठकर  खुद ही में खुद को तलाशना  किसी ईष्ट में ध्यान लगाना  अपने ही भीतर जा करके  खुद अपने से आँख मिलाना  जैसे सब उलझनें सुलझना  जैसे सब गिरहों का खुलना  जैसे सारे बंध टूटना जैसे राहों का मिल जाना  जैसे दीवारों का ढहना  जैसे रोज़ सुबह का आना  आसमान में चाँद का खिलना  आँखों में ख्वाबों का उगना  सांसों में फूलों का खिलना 
सुन्दर से यह सुन्दरतम है  तुम्हें चाहना कुछ ऐसा है....


बीबीसी रेडियो भारत को कहेगा अलविदा
समाप्त होगा आठ दशकों का सफर

नयी दिल्लीः हिंदी जगत के लिए बेहद दुःखद खबर है कि ब्रिटिश ब्राडकास्ट कारपोरेशन यानि बीबीसी की हिंदी रेडियो सेवा एक अप्रैल से बंद होने जा रही है. इसने कई भाषाओं में जारी अपनी प्रसारण सेवा में कटौती करने फैसला लिया है. बंद की जाने वाली सेवाओं में शार्टवेब पर उपलब्ध हिंदी सहित दुनिया भर की करीब एक दर्जन से ऊपर सेवाएं बंद हो जाएंगी. भारत में बीबीसी हिंदी सेवा करीब आठ दशक (१९३२) से चल रही थी.
भारत के दूर-दराज के इलाकों में जहां सूचना के नये माध्यम टीवी, इंटरनेट आदि उपलब्ध नहीं हैं, वहां आज भी रेडियो ही एकमात्र साधन हैं. बीबीसी इन श्रोताओं के लिए अब तक सबसे विश्वसनीय माध्यम है. मसला यह नहीं है कि बीबीसी सेवा बंद हो रही है, मसला यह है कि क्या भारत में उसके विकल्प के तौर पर कोई ऐसा सेवा है जो उसकी भरपाई कर पाएगी? हो सकता है कि यह खबर हिंदी क्षेत्र की जनता द्वारा आसानी से पचा ली जाये, लेकिन इस सेवा का लाभ उठाने वाले लोग जरूर निराश होंगे, जब उन्हें भारत में इस तरह के दूसरे माध्यम नहीं उपलब्ध होंगे.
खबरें हैं कि बीबीसी सेवा में यह बदल…