रविवार, 16 जनवरी 2011



मौसम 

ठण्ड से उनकी मौतों की खबर है 
जिनकी अंतड़ियाँ खाली थीं 
कई हफ़्तों से 
नहीं देखि थी उन्होंने रोटी 
कोई नहीं कहता की उनके घर 
आग नहीं पड़ी चूल्हे में 
कई रोज़ से 
अब नहीं बची थी जान
उनकी हड्डियों में 
जो मरे हैं ठण्ड से 

इसी तरह गर्मियों में 
बरसात में भी 
उडती हैं खबरें 
रोज़ मरते हैं तमाम लोग 
मौसम की मार से 
हर मौसम में आता है 
ये मौत का मौसम 
जहाँ मरते हैं तमाम भूखे लोग 

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